Disclaimer

"The following blog article provides general information and insights on various topics. However, it is important to note that the information presented is not intended as professional advice in any specific field or area. The content of this blog is for general educational and informational purposes only.

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The content should not be interpreted as endorsement, recommendation, or guarantee of any product, service, or information mentioned. Readers are solely responsible for the decisions and actions they take based on the information provided in this blog. It is essential to exercise individual judgment, critical thinking, and personal responsibility when applying or implementing any information or suggestions discussed in the blog."

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यूरिनरी ट्रैक्ट संक्रमण: एक विस्तृत और सर्वसम्पूर्ण जानकारी

यूरिनरी ट्रैक्ट संक्रमण एक आम स्वास्थ्य समस्या है जो जनसंख्या के बड़े हिस्से को प्रभावित करती है। यह समस्या इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसकी संक्रामकता बहुत तेजी से बढ़ रही है और उच्च रिस्क वाले व्यक्ति (जैसे गर्भवती महिलाएं, बच्चों और बूढ़े व्यक्ति) के लिए गंभीर समस्याओं का कारण बनती है।

इस ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से, हम आपको यूरिनरी ट्रैक्ट संक्रमण के विषय में गहन और संपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे। हम पहले यह समझेंगे कि यूरिनरी ट्रैक्ट क्या होता है और कैसे संक्रमण उत्पन्न होता है। फिर हम इस संक्रमण के लक्षण, निदान, उपचार और बचाव के विभिन्न आयुर्वेदिक और घरेलू उपायों के बारे में विस्तार से बात करेंगे।

यूरिनरी ट्रैक्ट के कार्य और यूरिनरी संक्रमण के बीच एक संबंध है। यूरिनरी ट्रैक्ट एक महत्वपूर्ण तंत्र है जो मूत्र बनाने, संचय करने और उसे शरीर से निकालने की प्रक्रिया में सहायता करता है। यह तंत्र मूत्राशय (ब्लैडर), यूरेटर, यूरेथ्रा और नेफ्रॉन (किडनी) से मिलकर बना होता है।

यूरिनरी ट्रैक संक्रमण एक बैक्टीरियल इन्फेक्शन होता है जिसमें किसी भी भाग में बैक्टीरिया का विकास होता है। इसके प्रमुख कारणों में खराब हाइजीन, सेक्सुअल संपर्क, बदलते हुए हारमोनल स्तर और देह की प्रतिरक्षा प्रणाली की कमजोरी शामिल होती है। संक्रमण के लक्षण में मूत्र में जलन, पेशाब में रक्त, बार-बार पेशाब आना, पेशाब की अविरलता और मूत्र में बदबू शामिल हो सकती है।

यूरिनरी ट्रैक संक्रमण का निदान करने के लिए मूत्र परीक्षण का महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसके अलावा, संक्रमण के उपचार में घरेलू नुस्खे, आहार में परिवर्तन, पानी पीने की बढ़ाती हुई मात्रा और डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवाओं का उपयोग किया जा सकता है।

यूरिनरी ट्रैक संक्रमण को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है, इसलिए हम इसे समय रहते इलाज करने और इससे बचाव के उपाय जानने का प्रयास करेंगे। इस ब्लॉग पोस्ट में हम यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के कारण, लक्षण, निदान, घरेलू उपचार, इलाज के विकल्प, बचाव और सावधानियों के बारे में गहन जानकारी प्रदान करेंगे। हम आपको यह समझाने का प्रयास करेंगे कि कैसे आप इस समस्या को पहचान सकते हैं, इसे सही तरीके से इलाज कर सकते हैं और इसे रोकने के लिए सुरक्षित और प्रभावी उपाय अपना सकते हैं।

इस ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से हम आपको विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगे ताकि आप अपने स्वास्थ्य को सुरक्षित रख सकें और यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के बारे में सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकें। यह पोस्ट आपके लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन होगी जिससे आप अपने स्वास्थ्य के बारे में सचेत रह सकेंगे और इस समस्या को समय पर नजरअंदाज नहीं करेंगे।

खंड 1: यूरिनरी ट्रैक संक्रमण का परिचय

यूरिनरी ट्रैक संक्रमण एक आम स्वास्थ्य समस्या है जो यूरिनरी ट्रैक्ट को प्रभावित करती है। यूरिनरी ट्रैक्ट प्रणाली शरीर का वह भाग है जो मूत्र बनाने, संचय करने और उसे शरीर से निकालने में सहायता करता है। इसमें मूत्राशय (ब्लैडर), यूरेटर, यूरेथ्रा और नेफ्रॉन (किडनी) शामिल होते हैं।

यूरिनरी ट्रैक संक्रमण एक संक्रामक रोग है, जिसमें यूरिनरी ट्रैक्ट के किसी भी हिस्से में बैक्टीरिया का विकास होता है। यह बैक्टीरिया आमतौर पर वजाहत द्वारा यूरेथ्रा में प्रवेश करता है, जो मूत्राशय के साथ जुड़ा हुआ होता है। जब ये बैक्टीरिया यूरिनरी ट्रैक्ट के अन्दर विकसित होते हैं, तो वे संक्रमण का कारण बनते हैं।

यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के कई प्रकार हो सकते हैं, जिनमें से सबसे आम बैक्टीरियल संक्रमण होता है। यह संक्रमण महिलाओं में ज्यादातर होता है, लेकिन यह पुरुषों में भी हो सकता है। अन्य प्रकार के संक्रमण में समुद्री जीवाणु (यूरिनरी ट्रैक्ट की शांति में रहने वाले जीवाणु) के प्रवेश का कारण बनते हैं।

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यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के मुख्य कारणों में खराब हाइजीन, सेक्सुअल संपर्क, बदलते हुए हार्मोनल स्तर और देह की प्रतिरक्षा प्रणाली की कमजोरी शामिल होती है। खासकर महिलाओं में, यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के विकसित होने का जोखिम गर्भावस्था, संभोग के बाद की स्वच्छता की अभाव, वूड्रोफ कोलोनी इन्फेक्शन (योनि संक्रमण) और मूत्राशय में संक्रमण हैंडिंग संबंधित कामों के दौरान होता है।

यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के विभिन्न प्रकार में विभिन्न लक्षण दिख सकते हैं, लेकिन कुछ सामान्य लक्षण हो सकते हैं जैसे मूत्र में जलन, पेशाब में रक्त, बार-बार पेशाब आना, पेशाब की अविरलता और मूत्र में बदबू। यदि आपको इन लक्षणों का अनुभव हो रहा है, तो आपको यूरिनरी ट्रैक संक्रमण का संभावित होना चाहिए और आपको जल्दी से चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।

यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के निदान के लिए मूत्र परीक्षण एक महत्वपूर्ण योगदान करता है। यह परीक्षण मूत्र संबंधित संक्रमण को पहचानने में मदद करता है, जिससे चिकित्सक आपको सही उपचार का निर्धारण कर सकते हैं। यूरिन परीक्षण में मूत्र के संक्रमण करने वाले जीवाणुओं की संख्या, उनके प्रकार और अन्य पैरामीटरों की जांच की जाती है।

यूरिनरी ट्रैक संक्रमण का व्यवहारिक उपचार करने के लिए घरेलू नुस्खों और आयुर्वेदिक उपायों का उपयोग किया जा सकता है। इनका उपयोग संक्रमण के सामान्य लक्षणों को कम करने और संक्रमण के कारणों को नष्ट करने के लिए किया जाता है। पानी पीने की बढ़ाती हुई मात्रा, ज्वर कम करने के घरेलू उपाय, परिवर्तित आहार और आयुर्वेदिक दवाओं का उपयोग इसका हिस्सा हो सकता है।

खंड 2: यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के लक्षण और निदान

यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के विभिन्न प्रकारों में विभिन्न लक्षण दिख सकते हैं। हालांकि, कुछ सामान्य लक्षण संक्रमण के संकेत हो सकते हैं। यह लक्षण व्यक्ति के यूरिनरी ट्रैक के भाग पर निर्भर करते हैं जिसमें संक्रमण होता है। यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के मुख्य लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं:

  • मूत्र में जलन या दर्द: बैक्टीरियल संक्रमण के कारण, यूरेथ्रा में सूजन और इंफ्लेमेशन हो सकती है, जिससे मूत्र में अक्सर जलन या दर्द का अनुभव हो सकता है। यह लक्षण आमतौर पर पेशाब करने के दौरान और उसके बाद अधिक महसूस होता है।
  • पेशाब में रक्त: यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के कारण, पेशाब में रक्त की मिश्रण दिख सकती है। यह लक्षण पेशाब का रंग गहरा होने और रक्त के ठहराव की वजह से हो सकता है।
  • बार-बार पेशाब आना: यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के कारण, मूत्र में इंफेक्शन के कारक बैक्टीरिया के कारण पेशाब का अक्सर आना हो सकता है। इसके परिणामस्वरूप, व्यक्ति को बार-बार पेशाब करने की इच्छा होती है।
  • पेशाब की अविरलता: यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण, पेशाब में अविरलता का अनुभव हो सकता है। यह लक्षण पेशाब का रंग पीला या ढ़ह जाने के कारण हो सकता है।
  • मूत्र में बदबू: यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के कारण, मूत्र में बैक्टीरिया का विकास होता है जिसकी वजह से मूत्र में बदबू का अनुभव हो सकता है।

यदि आपको ये लक्षण दिख रहे हैं, तो आपको यूरिनरी ट्रैक संक्रमण का संभावित होना चाहिए और जल्दी से चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। चिकित्सक आपकी जांच करेंगे और आपके लक्षणों के आधार पर उपचार की गणना करेंगे।

यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के निदान के लिए मूत्र परीक्षण एक महत्वपूर्ण योगदान करता है। बैक्टीरियल संक्रमण के निदान के लिए, चिकित्सक मूत्र परीक्षण के माध्यम से मूत्र में बैक्टीरिया की मौजूदगी की जांच करेंगे। इसके लिए, मूत्र संग्रह के बाद प्रोब या यूरिन कल्चर का टेस्ट किया जाता है। इस टेस्ट में, मूत्र से संक्रमण करने वाले बैक्टीरिया की संख्या, प्रकार और संग्रहण किया जाता है।

यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के निदान के बाद, चिकित्सक आपके लक्षणों के आधार पर उचित उपचार प्रदान करेंगे। सामान्यतया, ये उपचार एंटीबायोटिक्स के रूप में होते हैं जो बैक्टीरिया के विकास को रोकने में मदद करते हैं। चिकित्सक आपके संक्रमण के प्रकार, गंभीरता और आपके स्वास्थ्य के आधार पर उचित दवा प्रदान करेंगे।

यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के उपचार के अलावा, आपको आवश्यकता के अनुसार अन्य दवाओं का उपयोग भी कर सकते हैं। इनमें पेन किलर, उरिने टेस्ट स्ट्रिप्स, यूरिन में जलन कम करने वाली दवाएं और देशी नुस्खे शामिल हो सकते हैं। यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के इलाज में इन दवाओं का उपयोग करने से पहले, आपको अपने चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए और उनकी दिए गए दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए।

खंड 3: यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के कारगर घरेलू उपचार

यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के उपचार में घरेलू नुस्खों और आयुर्वेदिक उपायों का उपयोग किया जा सकता है। ये उपाय संक्रमण के सामान्य लक्षणों को कम करने और संक्रमण के कारणों को नष्ट करने में मदद करते हैं।

पानी पीने की महत्ता

पानी पीने की बढ़ाती हुई मात्रा यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के उपचार में महत्वपूर्ण है। पानी शरीर के अंदर की विषैली तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है और यूरिन को बारिश के समान स्वच्छ और अपारदर्शी बनाने में सहायता करता है। यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के उपचार के लिए, दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं। इससे यूरिनरी ट्रैक को स्वच्छ और बैक्टीरिया-मुक्त रखने में मदद मिलेगी।

यूरिन प्रवाह को बढ़ाने के तरीके

यूरिन प्रवाह को बढ़ाने के लिए कुछ आसान घरेलू उपाय भी होते हैं। यूरिन को नियमित रूप से निकलने में मदद करने के लिए, सुबह उठते ही पानी के साथ एक गिलास नींबू पानी पिएं। नींबू का रस पेशाब के पथ में बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकने में मदद करता है। इसके अलावा, यूरिन प्रवाह को बढ़ाने के लिए, कम से कम 30 मिनट की रोज़ाना कसरत करें और योगाभ्यास करें। योग आपके यूरिनरी सिस्टम को स्वस्थ रखने और प्रवाह को सुचारू रूप से बनाए रखने में मदद कर सकता है।

ज्वर कम करने के घरेलू उपाय

यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के लक्षणों में ज्वर भी शामिल हो सकता है। ज्वर को कम करने के लिए, आप घरेलू उपाय का उपयोग कर सकते हैं। एक गिलास गर्म पानी में नींबू का रस और शहद मिलाकर पिएं। यह आपके शरीर को ताजगी देगा और ज्वर को कम करने में मदद करेगा। इसके अलावा, शीतल पानी से नहाना, तुलसी की चाय पीना और अदरक और गुड़ का मिश्रण खाना भी ज्वर को कम करने में मदद कर सकता है।

आहार में परिवर्तन करने का महत्व

यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के उपचार में आहार में परिवर्तन करना भी महत्वपूर्ण है। यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के दौरान, ताजी और स्वस्थ आहार पर ध्यान देना चाहिए। ताजे फलों, सब्जियों, पूरे अनाजों, मूंगफली, दही, ताजगी वाले दूध और संतुलित प्रोटीन के स्रोतों को अपने आहार में शामिल करें। इन आहार पदार्थों में मौजूद विटामिन, मिनरल और पोषक तत्व आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाए रखेंगे और संक्रमण के विरुद्ध लड़ने में मदद करेंगे।

घरेलू नुस्खे और आयुर्वेदिक दवाएं

यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के घरेलू उपचार में कुछ प्रमुख घरेलू नुस्खे और आयुर्वेदिक दवाएं भी मान्यता प्राप्त हैं। तुलसी के पत्तों को उबालकर पानी बनाएं और इसे पीएं, जो यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के लक्षणों को कम करने में मदद करेगा। महिलाओं के लिए, करी पत्तों का सेवन भी उपयोगी साबित हो सकता है। करी पत्तों में मौजूद विटामिन और मिनरल यूरिनरी संक्रमण के खिलाफ लड़ने में मदद कर सकते हैं।

यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के घरेलू उपचार में दवाओं के अलावा, आप आयुर्वेदिक दवाओं का उपयोग भी कर सकते हैं। दर्शायी गयी आयुर्वेदिक दवाओं में गोखरू, पशनभेद, दालचीनी, नींबू और अनार का उपयोग किया जा सकता है। ये दवाएं बैक्टीरिया के विकास को रोकने और यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के लक्षणों को कम करने में मदद करती हैं।

यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के घरेलू उपचार का उपयोग करने से पहले, आपको अपने चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए और उनके द्वारा दिए गए सुझावों का पालन करना चाहिए। व्यक्तिगत स्वास्थ्य और उत्पाद के आधार पर, चिकित्सक आपको उचित उपाय बता सकते हैं जो आपके संक्रमण के लक्षणों को कम करेंगे और आपकी स्वास्थ्य को सुधारेंगे।

खंड 4: यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के इलाज के विकल्प

यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के उपचार में विभिन्न विकल्प उपलब्ध हैं। संक्रमण के प्रकार, गंभीरता और व्यक्तिगत स्वास्थ्य के आधार पर, चिकित्सक आपको उचित उपचार के लिए दवाएँ या और विकल्पों की सलाह देंगे।

एंटीबायोटिक्स के उपयोग का महत्व

संक्रमण के उपचार में एंटीबायोटिक्स आमतौर पर इस्तेमाल की जाती हैं। ये दवाएं बैक्टीरिया के विकास को रोकने में मदद करती हैं और संक्रमण के कारणों को नष्ट करती हैं। यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के उपचार के लिए, चिकित्सक आपके लक्षणों और संक्रमण के प्रकार के आधार पर एंटीबायोटिक्स की दवा निर्धारित करेंगे। आपको दिए गए संबंधित दवा को सही मात्रा और समय तक लेना चाहिए ताकि आपके संक्रमण को पूरी तरह से नष्ट किया जा सके।

यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के उपचार में अन्य दवाएं

यदि आपको यूरिनरी ट्रैक संक्रमण है और एंटीबायोटिक्स के प्रयोग से लाभ नहीं हो रहा है, तो आपके चिकित्सक अन्य दवाओं का सुझाव दे सकते हैं। कुछ संक्रमणों के लिए, दवाओं का उपयोग दूसरे प्रकार के बैक्टीरिया और जीवाणुओं के खिलाफ लड़ने में मदद करता है। इसके अलावा, यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के इलाज में सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्प भी मौजूद हैं। ये विकल्प आपको दवाओं के साथ-साथ अपने शरीर को आराम देने में मदद करेंगे और आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाएंगे।

आवश्यकता के अनुसार एंटीबायोटिक्स के चयन का महत्व

यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के उपचार में एंटीबायोटिक्स का सही चयन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। चिकित्सक आपके लक्षणों, संक्रमण के प्रकार, और आपकी रोग प्रवृत्ति के आधार पर सही एंटीबायोटिक्स की दवा चुनेंगे। यह आपके संक्रमण को संक्षेप में ठीक करने के लिए महत्वपूर्ण है और बैक्टीरिया के विकास को रोकने में सहायता करेगा। आपको अपने चिकित्सक की सलाह का पालन करना चाहिए और दिए गए दवाओं को पूरी तरह से लेना चाहिए।

संक्रमण के उपचार में सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्प

यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के उपचार में सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्प भी मौजूद हैं। ये विकल्प आपको दवाओं के साथ-साथ अपने शरीर को आराम देने में मदद करेंगे और आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाएंगे। यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के उपचार में उपयोगी सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्पों में नींबू पानी, खट्टी दही, गिलोय रस, और शिलाजीत शामिल हो सकते हैं। इन विकल्पों का उपयोग संक्रमण के लक्षणों को कम करने, शरीर की प्रतिरक्षा को बढ़ाने, और संक्रमण के कारणों को नष्ट करने में मदद कर सकता है।

डॉक्टर से सलाह के महत्व

यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के उपचार में, डॉक्टर से सलाह लेना अत्यंत महत्वपूर्ण है। चिकित्सक आपके संक्रमण के प्रकार और गंभीरता के आधार पर आपको सही उपाय और दवा प्रदान करेंगे। वे आपको सही दवा की मात्रा, उपयोग करने का समय और उपयोग की अवधि के बारे में जानकारी देंगे। आपको उनके द्वारा दी गई दिशानिर्देशों का पूरा पालन करना चाहिए ताकि आपका संक्रमण ठीक हो सके।

खंड 5: यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के बचाव और सावधानियां

यूरिनरी ट्रैक संक्रमण से बचने के लिए आपको कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां ध्यान में रखनी चाहिए। ये सावधानियां आपको संक्रमण के रिस्क को कम करके आपकी स्वस्थ रख सकती हैं।

संक्रमण से बचने के लिए आवश्यक सावधानियां

  • स्वच्छता और हाइजीन का ध्यान रखें: यूरिनरी ट्रैक के संक्रमण से बचने के लिए स्वच्छता और हाइजीन का ध्यान रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। नियमित रूप से स्नान करें, विशेष रूप से संक्रमण के खतरे के समय और उसके बाद की स्वच्छता का ध्यान रखें। पूरे दिन भर अच्छे हाइजीनिक आदतों का पालन करें और जहां तक संभव हो, नियमित रूप से हाथ धोते रहें।
  • यूरिनरी हाइजीन का ध्यान रखें: यूरिनरी ट्रैक संक्रमण से बचने के लिए, यूरिनरी हाइजीन का ध्यान रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। समुद्री जीवाणुओं द्वारा होने वाले संक्रमण से बचने के लिए, पेशाब करने के बाद उच्चारण करें और उच्चारण के साथ धोएं। सही तरीके से साफ़ पड़ा हुआ व्यक्तिगत स्वस्थ्य सामग्री उपयोग करें और उच्चारण के बाद हाथों को धोएं।
  • यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के बचाव के लिए जीवनशैली परिवर्तन: संक्रमण से बचने के लिए आपको स्वस्थ जीवनशैली के अनुसार चलना चाहिए। स्वस्थ आहार खाएं, व्यायाम करें, प्राकृतिक और स्वच्छता पर ध्यान दें, और स्वस्थ्य जीवनशैली की अनुकरण करें।
  • प्रभावी संक्रमण रोकथाम के लिए टिप्स: यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के बचाव में, संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स हैं। पहले से तैयार और स्वच्छ उत्पादों का उपयोग करें, संभोग से पहले और बाद में उच्च स्वच्छता का पालन करें, व्यक्तिगत स्वच्छता के लिए सही तरीके से साफ़ पड़ा हुआ जरूरी सामग्री का उपयोग करें, और प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वस्थ बनाए रखने के लिए पौष्टिक आहार खाएं।
  • यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के दौरान ध्यान देने योग्य बातें: यूरिनरी ट्रैक संक्रमण के दौरान, आपको ध्यान देने योग