Disclaimer

"निम्नलिखित लेख विभिन्न विषयों पर सामान्य जानकारी प्रदान करता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि प्रस्तुत की गई जानकारी किसी विशिष्ट क्षेत्र में पेशेवर सलाह के रूप में नहीं है। यह लेख केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है।"

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"इस लेख को किसी भी उत्पाद, सेवा या जानकारी के समर्थन, सिफारिश या गारंटी के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। पाठक इस ब्लॉग में दी गई जानकारी के आधार पर लिए गए निर्णयों और कार्यों के लिए पूरी तरह स्वयं जिम्मेदार हैं। लेख में दी गई किसी भी जानकारी या सुझाव को लागू या कार्यान्वित करते समय व्यक्तिगत निर्णय, आलोचनात्मक सोच और व्यक्तिगत जिम्मेदारी का प्रयोग करना आवश्यक है।"

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पीरियड्स के समय न आना: एक समस्या या चिंता?

एक महिला के जीवन में पीरियड्स एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक प्रक्रिया हैं जो मासिक धर्म के रूप में जानी जाती हैं। यह मासिक धर्म प्राकृतिक रूप से होने वाली क्रिया है जिसमें महिलाओं के गर्भनाल से रक्त और शरीर के अन्य तत्व निकलते हैं। यह मासिक धर्म महिलाओं के शारीरिक स्वास्थ्य के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है और उनकी क्षमता को निर्धारित करने के लिए मदद करता है।

पीरियड्स के न आने की स्थिति एक व्यापक मेडिकल समस्या है जिसमें महिलाएं नियमित रूप से मासिक धर्म का अनुभव नहीं कर पाती हैं। इस समस्या के साथ आने वाली चिंताएं और समस्याएं आमतौर पर महिलाओं के मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर असर डालती हैं।

इस ब्लॉग पोस्ट में हम ‘पीरियड्स के समय न आना’ के बारे में विस्तृत रूप से चर्चा करेंगे। हम पीरियड्स के असामान्य आने की स्थिति के कारण, लक्षण, इलाज और समाधान के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगे। हम इस समस्या के पीछे के कारणों की जांच करेंगे और न आने के लक्षणों को समझने के लिए विभिन्न उपायों का परीक्षण करेंगे। इसके अलावा, हम इस स्थिति के लिए आपको सावधानियां और उपचार के बारे में भी सलाह देंगे।

यदि आप इस समस्या से पीड़ित हैं या इसके बारे में अधिक जानना चाहते हैं, तो इस ब्लॉग पोस्ट को ध्यान से पढ़ें। हम उपयोगी सलाह, अनुभव और वैज्ञानिक तथ्यों को संयोजित करके आपको समग्र ज्ञान प्रदान करेंगे ताकि आप इस समस्या के साथ बेहतर रूप से सामर्थ्य बना सकें।

आइए अब हम पहले अनुभाग में चलें, जहां हम पीरियड्स क्या होता है और उनके लक्षणों के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।

पीरियड्स क्या होता है?

पीरियड्स (माहवारी) महिलाओं के शारीरिक स्वास्थ्य के एक महत्वपूर्ण हिस्से को दर्शाते हैं। इस प्रक्रिया में, महिलाओं के गर्भनाल से रक्त और शरीर के अन्य तत्व निकलते हैं। यह मासिक धर्म के रूप में जाना जाता है और हर महिला के शारीर में व्यापक रूप से होता है।

1.1 पीरियड्स क्या होता है?

पीरियड्स, जिन्हें माहवारी भी कहा जाता है, महिलाओं के शारीर में होने वाली एक मासिक धारा होती है। इस धारा में, रक्त और अन्य शरीरिक तत्व महिला के गर्भनाल से निकलते हैं। यह धारा प्रतिमासिक आवृत्ति के रूप में होती है जो सामान्यतः २८ दिनों की होती है, लेकिन इसमें अंतर महिला से महिला तक भिन्न हो सकता है।

1.2 पीरियड्स के लक्षण और उनके प्रकार

पीरियड्स के आने के साथ अक्सर कुछ लक्षण और शारीरिक बदलाव दिखाई देते हैं। ये लक्षण महिला से महिला अलग हो सकते हैं और उनकी आयु, स्वास्थ्य और जीवनशैली पर भी निर्भर करते हैं। कुछ महिलाएं इन लक्षणों को अच्छी तरह से महसूस करती हैं, जबकि कुछ अन्यों को कम या कोई लक्षण नहीं होता है।

पीरियड्स के लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:

  • मासिक धर्म से पहले पेट में दर्द या ऐंठन
  • पेट का मोटापा या भारीपन का अनुभव
  • सिरदर्द या चक्कर आना
  • थकान या थकावट का अहसास
  • मूड स्विंग्स और चिढ़चिढ़ापन
  • स्तनों में दर्द या सूजन
  • पेट की सूजन या पेट के निचले हिस्से में तनाव
  • मल में परिवर्तन (ज्यादा या कम मल आना)

पीरियड्स के दौरान इन लक्षणों के साथ अक्सर रक्तस्राव (ब्लीडिंग) भी होता है, जो आमतौर पर ३-७ दिनों तक चलता है।

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1.3 पीरियड्स की आम समस्याएं और उनके कारण

पीरियड्स के दौरान कुछ महिलाओं को आमतौर पर होने वाली कुछ सामान्य समस्याएं हो सकती हैं। इन समस्याओं के कारण और प्रभाव को समझना महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है।

  • पीरियड्स के दर्द: कुछ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान पेट में दर्द या ऐंठन का अनुभव होता है, जिसे दिनभर चलता रहता है। इसके कारण बाधित रक्तस्राव और प्रभावित अंग पर दबाव डालने वाले प्रदरोग या गर्भाशय की समस्याएं हो सकती हैं।
  • मासिक धर्म के अनियमितता: कुछ महिलाओं को पीरियड्स के आने में अनियमितता की समस्या हो सकती है, जिसके कारण उन्हें अनियमित रूप से और विभिन्न अवधियों में मासिक धर्म हो सकता है। यह समस्या हार्मोनल असंतुलन, गर्भावस्था, स्तनपान, वजन कमी या बढ़ाने, जीवनशैली परिवर्तन और तनाव के कारण हो सकती है।
  • अत्यधिक ब्लीडिंग: कुछ महिलाओं को अपार रक्तस्राव की समस्या हो सकती है, जिसके कारण उन्हें अत्यधिक ब्लीडिंग का सामना करना पड़ता है। यह समस्या हार्मोनल असंतुलन, गर्भावस्था, गर्भपात, गर्भाशय की समस्याएं, रक्त पत्रिका संबंधी विकार या रक्तस्राव नियंत्रण के विकार के कारण हो सकती है।

पीरियड्स की आम समस्याएं के पीछे के कारणों को समझना महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है, ताकि वे इन समस्याओं को सही ढंग से पहचान सकें और उचित उपचार और समाधान का इस्तेमाल कर सकें।

पीरियड्स के न आने के कारण

मासिक धर्म के न आने की स्थिति महिलाओं के लिए चिंता का विषय हो सकता है। यदि महिला को नियमित रूप से मासिक धर्म नहीं होता है, तो इसके पीछे के कारणों को समझना आवश्यक होता है। निम्नलिखित कारण पीरियड्स के न आने के पीछे सामान्यतः रहते हैं:

2.1 गर्भावस्था और पीरियड्स के न आने का सम्बन्ध

पीरियड्स के न आने का सबसे मामूली कारण गर्भावस्था होती है। जब महिला गर्भधारण करती है, तो उसके शरीर में हार्मोनल परिवर्तन होता है, जिसके कारण मासिक धर्म बंद हो जाता है। यदि आपके पीरियड्स के न आने के साथ अन्य गर्भावस्था के लक्षण भी हो रहे हैं, तो आपको गर्भावस्था की संभावना हो सकती है। इस स्थिति में, एक गर्भावस्था टेस्ट करना सबसे अच्छा विकल्प होगा।

2.2 गर्भावस्था के बाहरी कारकों का प्रभाव

पीरियड्स के न आने का एक और सामान्य कारण हो सकता है गर्भावस्था के बाहरी कारकों का प्रभाव। ये कारक आपके शारीर में विभिन्न परिवर्तन पैदा कर सकते हैं जैसे कि:

  • अत्यधिक तनाव और चिंता
  • वजन कमी या वजन बढ़ाना
  • भारी व्यायाम या शारीरिक कार्यक्रम
  • खानपान की बदलती आदतें
  • दवाओं का सेवन, खासकर गर्भनिरोधक दवाएं
  • अनियमित निद्रा या निदान की परेशानी

इन कारकों का संयोग आपके मासिक धर्म को प्रभावित करके उनके न आने का कारण बन सकता है। यदि आपको ऐसे किसी कारक का सामना करना पड़ रहा है, तो आपको उनके प्रभाव को समझने और उनसे बचने के उपायों को अपनाने की आवश्यकता होती है।

2.3 अन्य संबंधित कारणों की जांच और उपचार

पीरियड्स के न आने के अन्य संबंधित कारणों की जांच और उपचार करना आवश्यक हो सकता है। कुछ महिलाओं को शारीरिक समस्याएं होने के कारण मासिक धर्म के न आने का सामना करना पड़ता है, जैसे:

  • हार्मोनल विकार: हार्मोन्स के असंतुलन की स्थिति में, जैसे कि पोलिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) या थायराइड की समस्या, मासिक धर्म को प्रभावित कर सकती है। इस स्थिति में, चिकित्सा जांच करवाना और उपचार करवाना आवश्यक होता है।
  • गर्भाशय संबंधी समस्याएं: गर्भाशय में संक्रमण, अवयवों की संक्रमण, या गर्भाशय की समस्याएं भी पीरियड्स के न आने का कारण बन सकती हैं। इस स्थिति में, चिकित्सा जांच करवाना और उपचार करवाना आवश्यक होता है।
  • दवाओं का सेवन: कुछ दवाओं का सेवन भी मासिक धर्म को प्रभावित करके उनके न आने का कारण बन सकता है। यदि आप किसी दवा का नियमित रूप से सेवन कर रहे हैं और इसके परिणामस्वरूप आपके पीरियड्स नहीं आ रहे हैं, तो आपको अपने चिकित्सक से माशिक धर्म के बारे में सलाह लेनी चाहिए।

पीरियड्स के न आने के संबंधित कारणों की जांच और उपचार करना आवश्यक होता है ताकि समस्या का सही उपचार किया जा सके और आपका शारीरिक स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।

पीरियड्स के न आने के लक्षण

पीरियड्स के न आने के लक्षण महिलाओं के लिए चिंता का कारण बन सकते हैं। यदि आपको नियमित रूप से मासिक धर्म का अनुभव नहीं हो रहा है, तो इसके लक्षणों को समझना महत्वपूर्ण होता है। यह लक्षण आपके शारीर में होने वाले बदलावों के माध्यम से पहचाने जा सकते हैं।

3.1 न आने के लक्षण और संकेत

पीरियड्स के न आने के लक्षण व्यक्ति के शारीरिक अनुभव और प्रभाव से जुड़े होते हैं। ये लक्षण महिला से महिला अलग हो सकते हैं और उनकी आयु, स्वास्थ्य और जीवनशैली पर भी निर्भर करते हैं। निम्नलिखित कुछ लक्षण और संकेत पीरियड्स के न आने की स्थिति में दिखाई दे सकते हैं:

  • नियमित मासिक धर्म के बंद हो जाना
  • असामान्य तापमान बदलाव और उच्च बुखार
  • पेट में दर्द या ऐंठन का अनुभव
  • बढ़ी हुई स्तनों की संख्या या आकार
  • शरीर का वजन बढ़ना या घटना
  • त्वचा पर अचानक बदलाव या त्वचा की समस्याएं
  • चक्कर आना या कमजोरी का अनुभव
  • मूड स्विंग्स, चिढ़चिढ़ापन या आवेगमय बनाए रहना
  • सिरदर्द या आँखों के आसपास के दर्द
  • नींद की समस्याएं या अनिद्रा
  • वातावरणीय बदलावों के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता

यदि आपको इन लक्षणों में से कुछ भी दिखाई दे रहा है, तो आपको इसे ध्यान से नोट करना चाहिए। यह लक्षण पीरियड्स के न आने की संभावना को दर्शा सकते हैं और आपको अपने चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।

3.2 न आने के कारण दिखने वाले दूसरे लक्षण

पीरियड्स के न आने के साथ अन्य लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं जो इस स्थिति के पीछे के कारणों का पता लगाने में मदद कर सकते हैं। ये लक्षण व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के संकेत हो सकते हैं। निम्नलिखित लक्षण नामित हैं:

  • शारीरिक थकान और कमजोरी
  • पेट की गैस या कब्ज
  • पेट में अत्यधिक तनाव या चिंता
  • तनाव या चिंता से जुड़ी समस्याएं जैसे कि अवसाद, चिंताग्रस्तता, या अधिक तनाव
  • बढ़ी हुई भूख या कम भूख
  • इरेगुलर स्लीप पैटर्न या नींद की समस्याएं
  • इरिटेबिलिटी, गुस्सा, अवस्थाप्रमोद या मूड स्विंग्स
  • शरीर का वजन बढ़ना या कम हो जाना
  • त्वचा की समस्याएं या अचानक बदलाव
  • आपातकालीन ब्लीडिंग, चिकनाई या अन्य अनुपातिक रक्तस्राव

यदि आपको इन लक्षणों में से कुछ भी दिखाई दे रहा है, तो आपको इसे ध्यान से नोट करना चाहिए। इन लक्षणों का अधिकांश समय हार्मोनल असंतुलन, तनाव, या शारीरिक बदलावों के कारण हो सकते हैं। इसलिए, इन लक्षणों की पहचान करना और उनके संबंधित कारणों को समझना महत्वपूर्ण होता है।

3.3 न आने के लक्षण के आधार पर डायग्नोसिस

पीरियड्स के न आने के लक्षणों को समझने के लिए चिकित्सीय डायग्नोसिस करना महत्वपूर्ण है। चिकित्सीय डायग्नोसिस में, आपके चिकित्सक आपके लक्षणों को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के साथ जोड़ते हुए आपके मेडिकल इतिहास, वर्तमान दवाओं, और अन्य पाठ्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए आपकी समस्या का निर्धारण करेंगे। वे आपको आवश्यक टेस्ट और परीक्षण के लिए भी भेज सकते हैं, जैसे कि:

  • गर्भावस्था टेस्ट: पहले ही चरण में, आपके चिकित्सक आपके गर्भावस्था की संभावना को निर्धारित करने के लिए एक गर्भावस्था टेस्ट करवाने की सलाह दे सकते हैं। यह टेस्ट आपके मूल्यांकन को सुनिश्चित करने में मदद करेगा और विशेषज्ञ चिकित्सक को सही उपचार योजना तैयार करने में सहायता करेगा।
  • हार्मोनल टेस्ट: हार्मोन्स के संतुलन की जांच के लिए आपके चिकित्सक मासिक धर्म के बंद हो जाने के कारणों को जांचने के लिए विभिन्न टेस्ट करवा सकते हैं। इन टेस्टों में हार्मोन्स के स्तर और अन्य शारीरिक बदलावों की जांच की जाती है जो न आने की स्थिति का कारण बन सकते हैं।
  • इमेजिंग टेस्ट: यदि शारीरिक समस्याएं संबंधित हैं, तो चिकित्सक आपको इमेजिंग टेस्ट जैसे कि एक एल्ट्रासाउंड के लिए भेज सकते हैं। इससे वे आपके गर्भाशय और अन्य आंतों की स्थिति का मूल्यांकन कर सकते हैं।

न आने के लक्षण के आधार पर डायग्नोसिस करना महत्वपूर्ण होता है ताकि आपके चिकित्सक आपकी स्थिति के कारण को समझ सकें और उचित उपचार की योजना तैयार कर सकें। इसलिए, यदि आपको पीरियड्स के न आने के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो अपने चिकित्सक की सलाह लेना सराहनीय होगा।

पीरियड्स के न आने के लक्षण को संभालने के उपाय

पीरियड्स के न आने के लक्षण के साथ सामना करने के लिए कुछ उपाय हो सकते हैं। ये उपाय आपको शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने में मदद कर सकते हैं।

3.1 न आने के लक्षण को संभालने के उपाय

  1. स्वस्थ आहार: स्वस्थ और पौष्टिक आहार लेना आपके शारीर के हार्मोन स्तर को संतुलित रखने में मदद कर सकता है। अपने आहार में फल, सब्जियां, पूरे अनाज, दूध और दूध से बने उत्पादों, प्रोटीन स्रोतों जैसे कि दाल, दही, मछली, और सफेद मांस शामिल करें। विटामिन D, विटामिन B12, और फोलिक एसिड की कमी को पूरा करने के लिए योग्य आहार का सेवन करें।

  2. व्यायाम: नियमित रूप से व्यायाम करना आपके शारीर के हार्मोनल स्तर को संतुलित रखने में मदद कर सकता है। योग, प्राणायाम, ध्यान, या अन्य शारीरिक गतिविधियों को अपने दिनचर्या में शामिल करें। यह तनाव को कम करने, मन को शांत करने, और शारीरिक स्वास्थ्य को सुधारने में मदद कर सकता है।

  3. तनाव प्रबंधन: तनाव को संभालने के लिए ध्यान, मेडिटेशन, योग और शांति प्रदान करने वाली गतिविधियों का सेवन करें। तनाव कम करने के लिए समय निकालें, प्रिय गतिविधियों को अपनाएं, और अपने दिनचर्या में विश्राम का समय शामिल करें।

  4. नियमित नींद: प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में नींद लेना आपके हार्मोन स्तर को संतुलित रखने में मदद कर सकता है। नियमित नींद के लिए निश्चित समय पर सोने और उठने का पालन करें। समय निकालें अपनी नींद की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए।

  5. तंबाकू और अत्यधिक कॉफ़ीन के सेवन से बचें: तंबाकू और अधिक मात्रा में कॉफ़ीन का सेवन करने से बचें, क्योंकि ये आपके हार्मोन स्तर को प्रभावित कर सकते हैं और मासिक धर्म को अस्त या अनियमित कर सकते हैं।

  6. चिकित्सा सलाह: यदि आपको पीरियड्स के न आने के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो आपको चिकित्सा सलाह लेना चाहिए। आपके चिकित्सक आपके लक्षणों को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के साथ जोड़ते हुए आपकी व्यक्तिगत स्थिति का मूल्यांकन करेंगे और उचित उपचार की योजना तैयार करेंगे।

पीरियड्स के न आने के लक्षण को संभालने के उपाय अपनाने से पहले अपने चिकित्सक से सलाह लेना सराहनीय होगा। वे आपकी व्यक्तिगत स्थिति के आधार पर उपायों की सलाह देंगे जो आपके लक्षणों को संभालेंगे और आपके शारीरिक स्वास्थ्य को सुरक्षित रखेंगे।

पीरियड्स के न आने की स्थिति में सावधानियां

पीरियड्स के न आने की स्थिति में आपको कुछ सावधानियों का पालन करना चाहिए। ये सावधानियां आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने में मदद कर सकती हैं। निम्नलिखित सावधानियां अपनाने से पहले अपने चिकित्सक से सलाह लेना सराहनीय होगा।

4.1 सावधानियों की आवश्यकता क्यों होती है?

पीरियड्स के न आने की स्थिति में सावधानियां अपनाने की आवश्यकता होती है क्योंकि इसके पीछे विभिन्न कारण हो सकते हैं और इसका पता लगाना आवश्यक होता है। सावधानियां आपको संभावित समस्याओं को समझने और उनसे बचने के लिए मदद करेंगी। इसके अलावा, पीरियड्स के न आने की स्थिति में आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर असर भी पड़ सकता है, इसलिए आपको इन सावधानियों का पालन करना चाहिए।

4.2 पीरियड्स के न आने के लिए स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां

  • नियमित रूप से डॉक्टर की सलाह लें: नियमित रूप से अपने डॉक्टर से परामर्श लेना महत्वपूर्ण है। डॉक्टर आपकी स्थिति का मूल्यांकन करेंगे और उचित उपचार की सलाह देंगे। वे आपके लक्षणों को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के साथ जोड़ते हुए आपकी व्यक्तिगत स्थिति का मूल्यांकन करेंगे और उचित उपचार की योजना तैयार करेंगे।

  • योग्य आहार: स्वस्थ और पौष्टिक आहार लेना आपके शारीर को स्वस्थ और संतुलित रखने में मदद कर सकता है। अपने आहार में फल, सब्जियां, पूरे अनाज, दूध और दूध से बने उत्पादों, प्रोटीन स्रोतों जैसे कि दाल, दही, मछली, और सफेद मांस शामिल करें। विटामिन D, विटामिन B12, और फोलिक एसिड की कमी को पूरा करने के लिए योग्य आहार का सेवन करें।

  • तंबाकू और अत्यधिक कॉफ़ीन से बचें: तंबाकू और अधिक मात्रा में कॉफ़ीन का सेवन करने से बचें, क्योंकि ये आपके हार्मोन स्तर को प्रभावित कर सकते हैं और मासिक धर्म को अस्त या अनियमित कर सकते हैं।

  • तनाव कम करें: तनाव को संभालने के लिए आपको इसे कम करने के उपाय अपनाने की कोशिश करनी चाहिए। इसके लिए, आप ध्यान या मेडिटेशन, योग, या शांति प्रदान करने वाली गतिविधियों को अपनाएं। तनाव कम करने के लिए समय निकालें, प्रिय गतिविधियों को अपनाएं, और अपने दिनचर्या में विश्राम का समय शामिल करें।

  • नियमित नींद: प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में नींद लेना आपके हार्मोन स्तर को संतुलित रखने में मदद कर सकता है। नियमित नींद के लिए निश्चित समय पर सोने और उठने का पालन करें। समय निकालें अपनी नींद की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए।

पीरियड्स के न आने की स्थिति में सावधानियां का पालन करने से आप अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुरक्षित रख सकते हैं। यदि आपको इस स्थिति से जुड़े और अधिक जानकारी चाहिए, तो अपने चिकित्सक से संपर्क करें।

पीरियड्स के न आने के उपचार और समाधान

पीरियड्स के न आने की स्थिति के लिए कई उपाय और समाधान उपलब्ध हैं। ये उपाय आपकी स्थिति के कारण और लक्षणों का आधार लेकर निर्धारित किए ज