Disclaimer

"निम्नलिखित लेख विभिन्न विषयों पर सामान्य जानकारी प्रदान करता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि प्रस्तुत की गई जानकारी किसी विशिष्ट क्षेत्र में पेशेवर सलाह के रूप में नहीं है। यह लेख केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है।"

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"इस लेख को किसी भी उत्पाद, सेवा या जानकारी के समर्थन, सिफारिश या गारंटी के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। पाठक इस ब्लॉग में दी गई जानकारी के आधार पर लिए गए निर्णयों और कार्यों के लिए पूरी तरह स्वयं जिम्मेदार हैं। लेख में दी गई किसी भी जानकारी या सुझाव को लागू या कार्यान्वित करते समय व्यक्तिगत निर्णय, आलोचनात्मक सोच और व्यक्तिगत जिम्मेदारी का प्रयोग करना आवश्यक है।"

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पीरियड यानि माहवारी हर महीने स्त्रियों को अपने शरीर की पुनर्निर्माण करने के लिए निकलती है। यह शरीर की स्वस्थता का पता चलता है इसीलिए इसे जानना जरूरी है कि माहवारी के समय शरीर के अलग-अलग हिस्सों से कौन-सी समस्या का सामना करना पड़ता है। इस लेख में हम बात करेंगे पीरियड में भूरा रक्त आने के कारण, लक्षण और उपचार के बारे में।

पीरियड में भूरा रक्त आने के मुख्य कारण

माहवारी के समय ब्लड वेसल की विस्फोटन से होने वाला रक्त भूरा हो सकता है। ये कुछ अन्य कारण हैं जिनसे महिलाओं में पीरियड में भूरा रक्त आ सकता है।

  • हार्मोनल बदलाव – महिलाओं के हार्मोनल बदलाव से पीरियड में रक्त की बहुत सारी समस्याएं होती हैं चाहे वह उम्र कम हो आजकल के बच्चों में या फिर प्रैगनेंट के दौरान।

  • लंबे समय तक बैठे रहना – बैठे रहने से ब्लड संचार में देरी होती है जो पीरियड में भूरी रक्त का कारण बन सकती है।

  • कमजोर शरीर की स्थिति – कमजोर शरीर में दवाओं या किसी अन्य कारण से कोई समस्या होती है तो उससे माहवारी में भूरा रक्त आना शुरू होता है।

खून की कमी – अगर महिला के शरीर में खून की कमी होती है तो उससे पीरियड में भूरा रक्त आने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, खून की कमी को दूर करने के लिए उन्हें अपने आहार में फल, सब्जियां और अन्य पौष्टिक आहार शामिल करना चाहिए।

गर्भावस्था – गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं जो पीरियड में भूरा रक्त आने का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा, गर्भावस्था के दौरान शरीर में खून की कमी होने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए, गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपने खान-पान का ध्यान रखना चाहिए और अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

पीरियड में भूरा रक्त आने के संभावित लक्षण

पीरियड के दौरान यदि आपके रक्त में भूरा रंग दिखाई दे तो आपको इसे लेकर जगह या विशेषज्ञ की सलाह लेना चाहिए।

अधिकतर महिलाओं के पीरियड में रक्त का रंग लाल होता है, लेकिन कुछ महिलाओं में भूरा रक्त आने की समस्या होती है। यह समस्या अक्सर अनियमित मासिक धर्म वाली महिलाओं में देखी जाती है।

भूरे रक्त के आने के कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं जैसे गर्भावस्था के दौरान या गर्भाशय में समस्या होने पर। इसलिए अगर आपको भूरे रक्त के साथ कोई अन्य लक्षण भी नजर आते हैं तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

पीरियड में भूरा रक्त का मतलब: क्या होता है?

पीरियड में भूरा रक्त सामान्यतया शुरू के दिनों में होता है। यह अधिकतर एक असामान्य मामला होता है और पीरियड के दौरान मसल्स दरद, कमजोरी और अच्छे नींद न आने जैसी समस्याओं के कारण इसे नजरअंदाज भी कर दिया जाता है।

पीरियड में भूरा रक्त का मतलब यह भी हो सकता है कि आपके शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो रही है। इससे आपके शरीर के अंगों में खून का पर्याप्त मात्रा में न होने से भूरा रंग आता है। इससे आपको थकान और कमजोरी भी महसूस हो सकती है।

अगर आपके पीरियड में भूरा रक्त बहुत अधिक होता है तो इसका मतलब हो सकता है कि आपके शरीर में इन्फेक्शन हो रहा है। इससे आपको बुखार, उल्टी और दर्द भी हो सकता है। इस स्थिति में आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

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पीरियड में भूरा रक्त आने से होने वाली समस्याएं

बहुत लंबे समय तक पीरियड में भूरा रक्त आने से शरीर में कमजोरी आती है और इससे कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। कुछ लोगों में यह समस्या मिनटों के लिए होती है जबकि कुछों को महीनों से यह समस्या होती रहती है।

पीरियड में भूरा रक्त आने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें से एक मुख्य कारण है अधिक तनाव या स्ट्रेस। तनाव शरीर के हार्मोन स्तर को बदल सकता है जो फिर पीरियड में भूरा रक्त आने का कारण बनता है।

अधिक वजन रखने वाली महिलाओं में भी भूरा रक्त आने की समस्या हो सकती है। वजन बढ़ने से शरीर में हार्मोन स्तर में बदलाव होता है जो फिर पीरियड में भूरा रक्त आने का कारण बनता है।

पीरियड में भूरा रक्त को कैसे पहचानें?

पीरियड में भूरा रक्त को पहचानना आसान नहीं होता। अगर आपकी माहवारी भूरे या गहरे रंग की है, तो आपको इसे लेकर चिंता करनी चाहिए। सामान्यतया पूरी महीने बहुत अधिक कम रक्त से मुक्त हो जाती है इसलिए पीरियड के दौरान इस बात को ध्यान में रखें।

अगर आपकी माहवारी बहुत लंबी होती है और आपको लगता है कि आपका रक्त बहुत ज्यादा हो रहा है, तो आपको एक डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। इसके अलावा, अगर आपको अन्य लक्षण भी हों जैसे कि दर्द, खुजली या सूखापन, तो आपको अपने डॉक्टर से जल्द से जल्द परामर्श लेना चाहिए।

पीरियड में भूरा रक्त संबंधित समस्याओं को कैसे समाधान करें?

अगर आपकी माहवारी में भूरा रक्त दिखाई दे तो स्वस्थ खानपान, गहन नींद, व्यायाम और वार्म टास्ट लगाने का प्रयास सही समाधान हो सकता है। यदि यह समस्या कुछ दिनों में आपके द्वारा हल नहीं की जा सकती है, तो आपको विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।

भूरे रंग का रक्त आमतौर पर आपकी माहवारी के शुरुआती दिनों में दिखाई देता है। यह रंग आपके रक्त में हीमोग्लोबिन की कमी के कारण होता है। इसके अलावा, यह समस्या गर्भावस्था, अनेमिया, थायराइड और अन्य संबंधित समस्याओं के कारण भी हो सकती है। इसलिए, अगर आपको इस समस्या के अलावा अन्य लक्षण भी होते हैं, तो आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

प्राकृतिक उपाय: पीरियड में भूरा रक्त से छुटकारा पाने के 10 संभवतम उपाय

  1. ताजे फल खाएं – अपने दैनिक आहार में ताजा फलों का सेवन करें जिससे आपको ताकत मिलती है।

  2. हरी सब्जियां – हरी सब्जियां खाने से भी स्वस्थ और फिट रहा जा सकता है।

  3. व्यायाम – नियमित व्यायाम से पीरियड में रक्त की पर्याप्त मात्रा से शरीर में ताकत आएगी।

  4. पानी का सेवन – एक दिन में कम से कम 8 गिलास पानी पीने से रक्त की पर्याप्त मात्रा में आता है जिससे आपको अधिक ताकत मिलती है।

  5. पौष्टिक आहार – इसमें कम चीनी, कम फैट और स्वस्थ संतुलित आहार शामिल किया जाना चाहिए।

  6. धैर्य – धैर्य रखें और नियमित व्यायाम करें। आपके शरीर के साथ वो हर बिल्कुल ठीक हो जाएगा।

  7. पर्याप्त आराम – इस समय शरीर को पर्याप्त आराम देना चाहिए।

  8. मास्तिष्क शांति – अपने दिमाग को शांत रखें और सूखी फल खाने से कम से कम हेडेच रहें।

  9. लुक्यांड्रॉंबा – इसे समय-समय पर करना बहुत ही फायदेमंद माना जाता है।